Connect with us

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, बीएड डिग्री धारको को दिया झटका…

उत्तराखंड

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, बीएड डिग्री धारको को दिया झटका…

देशभर के बीएड डिग्रीधारियों को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा झटका दिया है। बताया जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट ने रीट लेवल 1 शिक्षक भर्ती को लेकर बीटीसी और बीएड के बीच चल रहे विवाद में बीटीसी के हक में फैसला सुनाया है। मामले में कोर्ट ने राजस्थान हाईकोर्ट के फैसले को सही ठहराया है। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद अब केवल BTC डिप्लोमा धारक ही तृतीय श्रेणी अध्यापक भर्ती परीक्षा लेवल-1 में पात्र होंगे। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से राजस्थान में भी असर पड़ेगा।

यह भी पढ़ें 👉  राज्य में भू उपयोग उल्लंघन के मामलों में की गई कार्यवाही

बताया जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि केवल BTC डिप्लोमा धारक ही तृतीय श्रेणी अध्यापक भर्ती परीक्षा यानी लेवल वन के लिए पात्र माने जाएंगे। बीएड डिग्री धारक प्राइमरी शिक्षक भर्ती (कक्षा 1-5 तक) के लिए आवेदन नहीं कर पाएंगे। सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश का असर अन्य राज्यों पर भी पड़ेगा। जस्टिस अनिरुद्ध बोस और जस्टिस सुधांशु धूलिया की बेंच ने इस संबंध में फैसला सुनाया है। इसी के साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार के 30 मई 2018 के उस नोटिफिकेशन को भी रद्द कर दिया है, जिसमें बीएड डिग्री धारकों को भी रीट लेवल वन के लिए योग्य माना गया था। एनसीटीई के इस नोटिफिकेशन के बाद ही पूरे विवाद ने जन्म लिया था।

यह भी पढ़ें 👉  बड़ी संख्या में अपनी छोटी-छोटी समस्या लेकर डीएम तक पंहुच रहे फरियादी; समाधान भी मौके पर ही

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से देशभर के बीटीसी अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिली है। वहीं बीएड अभ्यर्थियों को बड़ा झटका लगा है। राजस्थान के भी लाखों बीएड पास कैंडिडेट्स पर इस फैसले का असर पड़ेगा। इस फैसले के बाद अब अब तृतीय श्रेणी अध्यापक भर्ती परीक्षा लेवल-1 के लिए केवल BTC डिप्लोमा धारक ही पात्र होंगे। इससे पहले एनसीपीई ने बीएड अभ्यर्थियों को भी लेवल-1 के लिए पात्र माना था। एनसीटीई ने 2018 में एक नोटिफिकेशन जारी किया था। इसमें कहा गया था कि बीएड डिग्रीधारकों को भी रीट लेवल-1 के लिए योग्य जाएगा. अगर बीएड डिग्रीधारी लेवल-1 में पास होते हैं, तो उन्हें नियुक्ति के साथ छह महीने का ब्रिज कोर्स करना होगा. राजस्थान में रीट लेवल-1 में बीएड डिग्री धारकों को शामिल करने पर बीटीसी डिप्लोमाधारी आंदोलन पर उतर आए थे. इसके बाद यह मामला राजस्थान हाईकोर्ट पहुंचा था

यह भी पढ़ें 👉  दिव्यांगजनों की चिकित्सा सुविधा के लिए कोरोनेशन अस्पताल में जल्द बनेगा ‘विशेष स्टेट रेफरल सेंटर
Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

More in उत्तराखंड

उत्तराखंड

उत्तराखंड

ADVERTISEMENT

Advertisement

ट्रेंडिंग खबरें

To Top