Connect with us

इस विभाग में इन्हें मिलेगी मृतक आश्रित कोटे में अनुकंपा के आधार पर नौकरी…

उत्तराखंड

इस विभाग में इन्हें मिलेगी मृतक आश्रित कोटे में अनुकंपा के आधार पर नौकरी…

उत्तराखंड में धामी सरकार ने निकाय और लोक सभा चुनाव से पहले बड़ी सौगात दी है। सरकार ने सरकारी नौकरी से जुड़ा बड़ा आदेश जारी किया है। बताया जा रहा है कि ये आदेश पीआरडी जवानों के लिए है। अब विभाग की ओर से मृतक आश्रित कोटे में अनुकंपा के आधार पर नौकरी दी जाएगी। इतना ही नहीं पिछले पांच साल में नौकरी के दौरान मृत्यु और दिव्यांग हुए जवानों के आश्रितों को भी इसका लाभ मिलेगा। आइए जानते है इससे जुड़े नियम..

मीडिया रिपोर्टस के अनुसार शासन की ओर से जारी आदेश में उन पीआरडी जवानों के आश्रितों को विभाग में नौकरी मिलेगी, जिनकी मौत सेवा में रहते हुए या प्रांतीय रक्षक दल में वैध रूप से पंजीकृत रहने की स्थिति में हुई हो। इसके साथ ही आदेश में कहा गया है कि यदि मृतक के परिवार का कोई आश्रित शारीरिक मापदंड को पूरा नहीं कर पा रहा है तो निर्धारित चयन समिति अपने विवेक से उसे शारीरिक पात्रता में छूट दे सकती है। ऐसे मृतक स्वयंसेवक के आश्रित पति या पत्नी संगठन में पंजीकरण के इच्छुक नहीं हैं, तो वह कुटुम्ब के जिस सदस्य के लिए संस्तुति करते हैं उसे पात्रता के आधार पर चयन के लिए अर्ह माना जाएगा।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड को आपदा प्रबंधन में मॉडल राज्य बनाने पर जोर…

बताया जा रहा है कि यदि आश्रित के रूप में आवेदन करने वाला सदस्य चयन में असफल हो जाता है तो कुटुम्ब का कोई अन्य अर्ह आश्रित दोबारा आवेदन कर सकता है।  आश्रित के तौर पर चयन के लिए मृत्यु या दिव्यांग होने के पांच साल के भीतर संबंधित जिले के युवा कल्याण अधिकारी एवं प्रांतीय रक्षक दल अधिकारी कार्यालय में आवेदन कर दिया गया हो। अपरिहार्य परिस्थितियों में आवेदन करने की पांच साल की अधिकतम समय सीमा में शिथिलता शासन की अनुमति से की जा सकती है।

यह भी पढ़ें 👉  छवि धूमिल करने की साजिश: अरविंद पांडेय…

गौरतलब है कि प्रांतीय रक्षक दल मुख्यालय में दिसंबर 2022 में स्थापना दिवस समारोह में विभागीय मंत्री रेखा आर्य ने आश्रित कोटे से नौकरी देने की घोषणा की थी। इस घोषणा को पूरा करते हुए अब विभाग की ओर से इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। जिससे बड़ी संख्या में जवानों को लाभ मिलने की उम्मीद है।

यह भी पढ़ें 👉  सीएम धामी ने जाखन पहुंचकर खुद परखी जन शिकायत, लापरवाही पर जताई नाराजगी…
Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

More in उत्तराखंड

उत्तराखंड

उत्तराखंड

ADVERTISEMENT

Advertisement

ट्रेंडिंग खबरें

To Top